आजादी के कई साल बीत जाने के बाद भी आज असंख्य भारत वासी बेहतर भोजन, शिक्षा, स्वास्थ, आवा स शुद्ध पेयजल, न्याय, समानता और विकास जैसी मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित है। देश में भ्रष्टाचार, सम्प्रदायिकता, जातिवाद, अलगाववाद, भाषावाद, प्रान्तवाद जैसी समस्याए दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। हमारे संविधान में जाति, धर्म, वंश, मूल, लिंग, अमीरी-गरीबी, शिक्षित-अशिक्षित किसी भी प्रकार का विभेद नहीं किया गया है। संविधान में देश के प्रत्येक व्यक्ति को दैहिक, एवं प्राणित स्वतन्त्रता के अधिकार के साथ गरिमामय जीवन यापन करने की भावना निहित की गयी है। इसको व्यवहारिक रूप में लाने के लिये सविधान में विधायिका, न्यायपालिका एवं कार्यपालिका की व्यवस्था की गयी है। इसी आधार पर हमारे देश का संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान माना जाता है। परन्तु विडम्बना यह है कि इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत वर्ष के प्रत्येक नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय मिल सका है। उपरोक्त समस्याओं के निराकरण के लिये हमारा संगठन प्रयासरत है तथा इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु पब्लिक राइट्स एसोसिएशन का गठन किया गया है। पब्लिक राइट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता उपरोक्त समस्याओं के निवारण के लिये कई राज्यों में नागरिको को एकजुट कर रहे हैं। आप सभी से अनुरोध है कि हमारे संगठन पब्लिक राइट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओ का सहयोग करें और पब्लिक राइट्स एसोसिएशन से जुड़कर संगठन को और अधिक मजबूत करें।
पब्लिक राइट्स एसोसिएशन के उद्देश्य
1 देश के नागरिको को एकजुट करना।
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2 देश के नागरिको को उनके अधिकारों (मानव अधिकार / सूचना अधिकार) के प्रति जागरूक करना। 3 आम जन के साथ हो रहे शोषण व अन्याय के विरुद्ध जन जागरण अभियान चलाना ।
4 शासन / प्राशासन के साथ सहयोग स्थापित कर अपराध व शोषण रोकने का प्रयास करना।
5. देश के नागरिको के मान सम्मान की सुरक्षा करना एवं पीडित लोगो को न्याय दिलाने का प्रयास करना। हमारा उद्देश्य सामाजिक रूप से बहिष्कृत और उपेक्षित समुदायों को उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास को बढ़ावा देने और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के द्वारा उनकी सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक उन्नति के लिए काम करना रहा है।
संगठन मजबूत होगा उतने ही आप मजबूत होने
भारत एक विशाल जनसंख्या वाला देश है और यहां असंख्य जनसमस्यायें विकराल रूप धारण करती जा रही हैं, अन्याय, भ्रष्टाचार, अव्यवस्था, मानवाधिकार हनन जैसे मामले आये दिन बढ़ते जा रहे हैं। हम राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करना चाहते हैं और आम आदमी के हितों के लिये लड़ना चाहते हैं। इसलिये इस देश की तरह हमारा संगठन भी विशाल होना चाहिये। साथ ही इतना सशक्त और सक्रिय होना चाहिये कि देश के किसी भी कोने में किसी भी व्यक्ति के साथ कुछ गलत हो रहा हो तो हमें उसकी जानकारी हो और हम उसकी सहायता कर सकें। इसलिये अधिक से अधिक और नये-नये क्षेत्रों में संगठन का विस्तार की आवश्यकता है। याद रखिये जितना अधिक पब्लिक राइट्स एसोसिएशन मजबूत होगा उतने ही आप मजबूत होंगे।
सदस्यों का दायित्व-
प्रत्येक सदस्य का दायित्व है कि वह संगठन द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में भाग लेना और यथा सम्भव अधिक से अधिक बैठकों में भाग लेना चाहिये। मर्यादा का पालन एवं अनुशासन बनाये। रखना चाहिये। संगठन द्वारा निर्धारित शुल्क देना एवं ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिये जो संगठन की छवि को समाज में धूमिल करे।
अनुरासन-
अनुशासन प्रत्येक संगठन की आधारशिला है। पब्लिक राइट्स एसोसिएशन का विकास, अनुशासन निःस्वार्थ सेवा एवं त्याग के सिद्धान्तों पर ही आधारित है जो व्यक्ति निःस्वार्थ सेवा करना चाहते हैं इसे आत्म अनुशासन सबसे पहले सीखना पड़ता है। अपने अहम् एवं स्वार्थो को संगठन, राष्ट्र एवं इसके निवासियों के लिये बलिदान करना पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा विश्वास करता है कि वह संगठन से बड़ा है एवं उसे किसी दूसरे से निर्देश लेने की आवश्यकता नहीं है. तो ऐसा व्यक्ति संगठन के लिये पात्र नहीं है। ऐसे व्यक्ति की संगठन में उपस्थिति किसी लाभ की अपेक्षा शानि ही अधिक पहुंचायेगी चाहे वह व्यक्ति कितना भी निष्ठावान एवं सक्रिय क्यों न हो।
कौन बन सकता है सदस्य ?
प्रत्येक व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, जो आध्यात्मिक, वैचारिक, सामाजिक विचारों से ओत-प्रोत हो और पब्लिक राइट्स एसोसिएशन के नियमों एवं उद्देश्यों का पालन निष्ठा पूर्वक करता हो, साथ-साथ संगठन के प्रति अंतरंग निष्ठा रखता हो वही इस संस्था के आम सदस्य बन सकते हैं सदस्यता ग्रहण हेतु प्रत्येक व्यक्ति को वृहत पत्र में आवेदन देना होगा जिसकी स्वीकृती या अस्वीकृती संगठन की सदस्यता एवं अनुशासन समिति के पदाधिकारी के द्वारा प्रदान की जायगी।
संकल्प-
मैं पब्लिक राइट्स एसोसिएशन की सदस्यता और नियमो सहर्ष स्वीकार करता हूँ। भारत की राष्ट्रीय एकता, सर्वपन्थ समभाव और विश्व बन्धुत्व में मेरी द्रढ़ निष्ट है। मेरा संकल्प है और मैं संकल्प करता हूँ कि यथा शक्ति नागरिक अधिकारों की रक्षा एवं भारत के सर्वगीण विकास के लिये सदैव सचेष्ट रहूंगा और भारतीय जन जीवन के उत्कर्ष में अपना विनम्र योगदान देने के लिये सदैव तत्पर रहूंगा। मैं सदैव संगठन के नियमों तथा निर्देशों के अनुरूप पूर्ण निष्ठ, लगन तथा अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुये संगठन का गौरव बढ़ाने का प्रयास करूंगा। मैं ऐसा कोई भी कार्य नहीं करूँगा जो राष्ट्र विरोधी हो एवे जिससे संगठन की गरिमा कम हो।
सदस्यो का कार्य
बैठको में नियमित रूप से भाग लेना। संगठन के नियमो का पालन करना। अनुसाशन में रहना। अधिक से अधिक सदस्य बनाने का प्रयास करना जिससे संगठन और मज़बूत बने । सदस्यों का एक दूसरे से मिलना जुलना और संवाद कायम रखना ।
पब्लिक राइट्स एसोसिएशन से जुड़ने से लाभ :
आप कुछ भी खोएंगे नहीं। जरूरत के वक्त काम में आने वाला मित्र मिलेंगे । आप इस कथन को सच्चा दोस्त वही है जो दोस्त की जरूरत पर काम आए से तुलना कर सकते हैं। पब्लिक राइट्स एसोसिएशनका हिस्सा बनना अपने आपमें गौरव की बात है। आपकी जान पहचान का दायरा बढ़ेगा एवं समाज को बेहतर बनाने में आप अपना योगदान देंगे।
क्यों आपको पब्लिक राइट्स एसोसिएशन से जुड़ना चाहिए ?
एक नहीं बल्कि कई कारण है कि आपकों पब्लिक राइट्स एसोसिएशन में शामिल होना ही चाहिए । पब्लिक राइट्स एसोसिएशन राजनीतिक, सामाजिक और आपके व्यक्तित्व के विकास में मददगार साबित हो सकता है। इसके माध्यम से आप अपना सामाजिक कौशल बढाकर अपनी और समाज की मदद करने में सक्षम हो सकते/सकती है।
एक समान विचारधारा और अलग अलग रुचि, जाति, धर्म, शैक्षिक, और बौधिक योग्यता वाले लोग एक दुसरे को जान और समझ सके तथा एक संगठित शक्ति के रूप में अपनी उपस्थिति आज के माहौल में दर्ज करा सके तो ये पब्लिक राइट्स एसोसिएशन ही सबसे अच्छा और आसन माध्यम है।
भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और किसी भी लोकतान्त्रिक व्यवस्था में संगठनों का विशेष महत्व होत
है। भारत में पब्लिक राइट्स एसोसिएशन आम आदमी को एक नई ताकत दे रहा है
पब्लिक राइट्स एसोसिएशन
राष्ट्रीयउपाध्यक्ष
नरेश शर्मा
8837630383
9560506383